by डाँ .आदेश कुमार पंकज ✓ · 16 Feb 2019
निशा अँधेरी डरवाती है । याद तुम्हारी तड़पाती है ।। कभी ख्वाबों में आ जाओ । आँचल में मुझे छिपा जाओ ।। निज सूरत कभी दिखा जाओ
Loading comments…
Loading comments…