खामोशी भरा प्यार ,
घुल रहा ....
मद्धम - मद्धम ,
साँसों के आरपार |
एक हल्की सी आहट भी ,
करे रुस्वा .....
दो छाया का मिलन ,
लाया घना अंधकार |
हरकतें ज़िस्म की थीं ,
अजब थी बेचैनी ,
प्यासा मन करे ,
इशारे बारम बार |
धड़कने तेज होकर ,
दस्तक करें ....
गर्म होठों से चिपके ,
होठ हजार बार |
बेकाबू बदन ,
मिल ही गए ,
कैसा अजब था ?
वो समां मेरे यार |
खामोशी भरा प्यार ,
घुल रहा ....
मद्धम - मद्धम ,
साँसों के आरपार ||
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