by Nilofar Farooqui Tauseef ✓ · 25 Jan 2020
मन जैसा कर्म करे, वैसा ही फल पावे वक़्त की नैया में, कर्म ही पार लगावे समय ही बलवान यहाँ, समय का ही रेला है वक़्त ने करवट बदलकर, क्या खूब खेल खेला है।
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