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Poem · Abstract

ख़्वाब हैं ये

by Alok Singh ✓ · 25 Sept 2020

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इनमें गुज़रे वक़्त की फरमाईशें तो, आने वाले वक़्त की आज़माइशें हैं, इनमें गुज़रे वक़्त की

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