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कहमुकरी
Poem · Others

कहमुकरी

by Kusumlata Chandak ✓ · 27 May 2019

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दिन-रात तन से चिपकाती सुन्दरता पर उसकी रीझती, साथ उसे मैं हर पल रखती, ऐ सखि साजन? न सखि साड़ी।

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कहमुकरी · StoryMirror