by Astha Saxena ✓ · 6 Mar 2019
रंजिश है तू मगर ख़ुद की रहमत बन जा, कामयाबी की ऐसी मदहोशी में समा, मिले तो अफसोस होए उसे, ख़ुद की मुहब्बत में
Loading comments…
Loading comments…