120Log inSign up
Poem · Others

ख़ुदकुशी

by Sujit Kumar ✓ · 2 Sept 2017

27.9KReads
12Likes
1Min read

एक हतप्रभ करने वाला खबर था, किसी पिता को बुखार में तपते बच्चे को हाथ में लिए बड़े बड़े अस्पताल से लौटा दिया जाता, बच्चे की मौत माँ बाप के जीने की उम्मीदों को तोड़ देती और वो खुदखुशी कर लेते ! ये एक शहर की खबर मात्र बन गुम हो सकती लेकिन मानवता के लिए कलंक, की हम ऊँची ऊँची अट्टालिकाओं और विलासिता की होड़ में कैसी दुनिया बनाना चाहते ? इसी संदर्भ पर कुछ महसूस हुआ .. एक कविता

Loading comments…

ख़ुदकुशी · StoryMirror