by Dr. Razzak Shaikh 'Rahi' ✓ · 17 Apr 2018
न कोई बड़ा किसी से, कोई न जहाँ छोटा हो हर चेहरा ख़रा - ख़रा, कोई भी न खोटा हो, खोल दे दिल की गिरह, मुस्कान बांटते जाए
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