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Poem · Abstract

ख़्वाहिशों के दो किनारे

by Devashish Tiwari ✓ · 26 Oct 2025

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कभी कोई चाहता केवल मुझे, कभी कोई मेरी दौलत संसार, कभी कोई मांगता सारा प्रेम, तो कोई जीवन का उपहार।

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ख़्वाहिशों के दो किनारे · StoryMirror