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Poem · Drama

कमल तेरी फ़िजूल कलम से

by Vikram Singh Negi 'Kamal' ✓ · 10 Sept 2018

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फिर बहन बोली छोड़ो भाई कल तो रक्षा बन्धन है आओ कल दिन हमारा है और बेवजह यह रूदन है ।।

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कमल तेरी फ़िजूल कलम से · StoryMirror