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Poem · Others

कश्मीर

by Anonymous ✓ · 24 Jul 2017

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कौन है हम, हम ही भूल गए है |इंसान है, इंसानियत से ही दूर हो गए है |कश्मीर किसी का भी हो, मगर वहाँ रहने वाले 'अपने' है |   

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कश्मीर · StoryMirror