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Poem · Comedy

कसूर

by Tanmay Binjrajka ✓ · 3 Aug 2017

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महफ़िल में उन्हे छुप के देखने की आदत-सी हो गई थी, उनसे नज़र मिलाने की बस चाहत सी हो गई थी,

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कसूर · StoryMirror