कुछ बातें
कुछ यादें
चंद लम्हे
कुछ फरियादें
कुछ नगमें
कुछ तराने
बीते हुए वो जमाने
कुछ अधूरे किस्से
टूटे हुए दिल के
कुछ बिखरे हुए हिस्से
वो किताबों में सूखे हुए गुलाब
वो पहली पहली शराब
वो रुठना
वो मनाना
उनका तीखी नज़रें
मिला कर शरमाना
अब बस एक बार
फिर से जीने को
दिल चाहता है
अब बस एक बार
फिर से जीने को
दिल चाहता है
Loading comments…