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Poem · Drama

कुत्ता और मज़दूर

by अहसान बिन 'दानिश' ✓ · 11 Mar 2019

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एक वो है जिनकी रातें हैं गुनाहों के लिए एक वो है जिसपे शब आती है आहों के लिए।

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कुत्ता और मज़दूर · StoryMirror