by Aravinda Das ✓ · 20 Aug 2018
'कबिता है मेरी ज़िन्दगी, कबिता मेरी बंदगी, कबिता ही है मेरी पहली प्यार, कबिता नि दी मुझे पहचान। एक हास्यरस से भरी कविता।
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