by कवि प्रवीण कुमार गुमनाम ✓ · 5 Aug 2018
सितारों की महफ़िल में बदनाम हो गये ! लोग तो आफ़ताब कभी चाँद समझने लगते मगर हम नाम लिखकर भी गुमनाम हो गए...!
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