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Poem · Drama

कवि

by Vikram Singh Negi 'Kamal' ✓ · 3 Nov 2018

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'भोलूराम ' तो चल दिये मुझे ऊपर से नीचे झाड़कर । उनके इस भाषण पर दोस्तों मैनें लिखी ये कविता 'कवि ' शीर्षक डालकर ।।

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