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Poem · Fantasy

क्या तुम चलोगे मेरे साथ

by Sandeep Gupta ✓ · 19 Apr 2019

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क्या तुम चलोगे मेरे साथ वहाँ, जहाँ कैद हैं ख़्वाब और ख़्वाहिशें, ऊँची दीवारों से टकराकर, वापस लौट जाती हैं जहाँ, इंक़लाब

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क्या तुम चलोगे मेरे साथ · StoryMirror