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#lamha
4 poems
ये लम्हा थम जाये यहाँ
Nikhil Sharma · 1 min read · 6.9K reads
कह दो, इस रात, इस भोर से यह दास्ताँ हमसे है हर वक़्त का ज़र्रा हमसे है हमसे ही इसका वजूद है ....
Others
मेरी याद में
Shabnam Parveen · 1 min read · 111 reads
एक अरसा सा हो गया तुझे देखे पर कोई ऐसा लम्हा नहीं जब तुझे ना याद किया।
Romance
माज़ी
Nikhil Sharma · 1 min read · 7K reads
फिर उसी कि, की नुमाइश है मेरी हर एक चाहत की, मुझे दास्ताँ सुना गया मेरा माज़ीमेरे सामने आ गया
Others
एक लम्हा
Amar Pratap · 1 min read · 256 reads
अब बात बात में बात करता हूँ, अपने में ही कुछ उलझे सवालात करता हूँ।
Abstract