- आज़ादीChetan Chakrbrti · 1 min read · 2 readsहै आज जरूरी लड़ ले हम
अपनी लड़ाईअपने वास्ते।
जो फैली है भ्रष्टाचार की
बीमारी हमारी वAbstract
- उनका मुङकर देखनाRajiv Jiya Kumar · 1 min read · 227 readsभूल पाता नहीं अब तो
आपका मुड़कर मुझे देखना।Romance
- एक प्यासा लम्हा रीत गयाAnkur Govind · 1 min read · 7K readsचलते -चलते क्यों लगता है, एक अरसा यों ही बीत गया लगता है पानी के घट से ,एक प्यासा लम्हा रीत गया
झड़ते पत्ते यह कहते है, मौसम का हाल बदलता है पर रोज़-रोज़ यों लगता है, सूरज तो पीछे चलता है
तुम गऐ तुम्हारे साथ गया, उस प्यारे बचपन का आँगनअब फ़ीका -फ़ीका सा, लगता, जीवन का हर कोई बंधन
तेरे काँधे पर सर रखकर, हाँ कितनी रातें काटी हैं सन्नाटों में यह लगता है यह घड़ियाँ हमने बाँटी हैं
अब नई कोपलें खिलती है,तो सकुचाता है मेरा मन आती है कई बहारें भी ,पर ना जाता यह सूनापन Others
- नारीBhavana Kv 2 crpf · 1 min read · 265 readsहै हँसने की वजह सबकी
नाम है उसका नारी।Abstract
- समयBhavana kv 2 · 1 min read · 192 readsखुद का महत्व समझा के
दौड़ती रहती हैं।Tragedy
- लोरीRamchander Swami · 1 min read · 367 readsसो जा मेरे लाल अब चैन की नींद सोजा हिन्द देश जाग रहा है।।Inspirational
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