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32 poems
कुछ तो अलग बात है
Aanart Jha · 2 min read · 26 reads
घरों में फिर हो रहे हैं रिश्ते गुलज़ार इन दिनों!
Inspirational
लाक्डाउन डायरी
Sonal Bhatia Randhawa · 1 min read · 43 reads
कौन जानता था कि वक्त के तेवर यूँ भी पलटते हैं!
Tragedy
मजदूर बंद
संदीप सिंधवाल · 1 min read · 180 reads
हम क्यों है फंसे वो अफवाहों से हैं घरों में हम भिखारी से हैं दरों में।
Tragedy
"प्यारे भईया"
Stuti Srivastava. · 2 min read · 37 reads
ओ प्यारे भईया! तुम्हें पता है ना अपनी रक्षा कर हमें है देश बचाना!
Inspirational
ख़बर साथ में लाना !
Himanshu Jaiswal · 1 min read · 23K reads
ये कैसा वक्त आया है जो घरों में क़ैद है सारी दुनिया जरूरी है दो ग़ज की दूरी!
Others
अगर लॉकडाउन एक प्रेमी होता
Saumya Saxena · 1 min read · 44 reads
लॉकडाउन से प्रेम मुझे हो ही गया, पर हर एक रिश्ते की तरह इसमें भी दिल दुखने लगा!
Abstract
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