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Poem · Abstract

माँ तू मेरी हैं

by Sachin Chaturvedi ✓ · 16 Apr 2019

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मेरे सपनों की डोली भी तेरी।। मैं कुछ नहीं तुझ बिन, मैं सास हूँ तो तू डोर मेरी।। मेरी उदासी तू समझ लेती हैं, क्यों हूँ

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माँ तू मेरी हैं · StoryMirror