by Sachin Chaturvedi ✓ · 16 Apr 2019
मेरे सपनों की डोली भी तेरी।। मैं कुछ नहीं तुझ बिन, मैं सास हूँ तो तू डोर मेरी।। मेरी उदासी तू समझ लेती हैं, क्यों हूँ
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