था सब तरफ अंधेरा
फिर एक उजाला आया
मां तुमने ही जीवन में हमको
ठीक से चलाना सिखाया ।।
जब नीद ना आई हमको
तुमने ही हमको सुलाया
एक था राजा एक थी रानी
तुमने ही हमे बताया ।।
फिर भूख लगी जब हमको
मां प्यार से तुमने खिलाया
जो मन चाहा मांगा हमने
और तुमने सब दिलवाया ।।
प्यारी सी डाट भी खाई हमने
जब भी मैथ लगाया
मां तुमने ही तो हमको
धीरे धीरे पढ़ना सिखाया।।
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