by Rohit Sharma ✓ · 31 Aug 2018
'इस देश के ये दीवाने हैं, और मौत के ये परवाने हैं, मेरी खातिर, मेरे बेटे, तेरे चरणों में शीश चढाएंगें | बलिदान की कविता
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