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#mainsingleho
4 poems
मैं सिंगल हूँ
SHIVAM CHANDER · 1 min read · 372 reads
मेरे अपनों से इसीलिए सिंगल हूँ मैं हा, मैं सिंगल हूँ।
Inspirational
मेरे बारे में........
Vikash Rishi · 1 min read · 6.8K reads
ज़िन्दगी ने हमसे कोई ख़्वाहिश की तो होगी। मुकर जाना करके वादे निभाने के सियासतदानों से उसकी पहचान पुरानी होगी।
Others
हाँ! मैं रोना चाहता हूँ!
Pranay Gupta · 2 min read · 7.2K reads
हम सब की ज़िन्दगी में कभी न कभी ऐसे हालात पैदा हो जाते है जब हम अपनी हिम्मत हारने लगते है। ऐसे समय में लड़कियाँ तो रोकर आपना मन हल्का कर लेती हैं परंतु समाज की कुछ खोखली धारणाओं के तहत लड़को को रोने का मौका भी नही मिल पाता। ऐसे समय में हमे बस अपने बचपन की याद आती हैं और हम सोचते है कि काश हम वापिस अपने बचपन में जाकर बस वही रह जाते क्योंकि तब कोई पाबन्दी नही थी खुलके हँस या रो सकते थे। कुछ गलतियाँ जो हमसे अनजाने में हो गयी थी, काश हम उन गलतियों को सही कर पाते। ऐसी ही कुछ गलतियाँ मुझसे भी अपनी ज़िन्दगी में हुई जिनमे सबसे बड़ी गलती थी बड़ा होना। उन परेशानियों के वक्त आम इंसान दुखी होकर बैठ जाता है पर एक कवि ऐसी हीं परिस्थितियों में अपनी कविताएँ लिखता है। ऐसी ही परिस्थिति में लिखी गयी एक स्वरचित कविता आपके समक्ष प्रस्तुत हैं जिसका शीर्षक है "हाँ! मैं रोना चाहता हूँ!!!"
Drama
कितनी खूबसूरत हो तुम लफ्जों में कैसे बताऊं तुम्हे
Arshad Mirza · 1 min read · 539 reads
चाहता हूं मैं तुम्हे इतना कोई चाह नहीं पाएगा!
Romance