by Yogesh Suhagwati Goyal ✓ · 17 Aug 2018
मृत्यु संपूर्ण और शाश्वत है । यह कविता बताती है कि जन्म की तरह ही मृत्यु का भी उत्सव क्यों मनाना चाहिए।
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