120Log inSign up
Poem · Others

"मेरी जिन्दगी"

by Raman Sharma ✓ · 2 Sept 2017

3.3KReads
2Likes
1Min read

ए शाम यूँ इस तरह ना देखा कर मेरी तरफ़ ----- वक़्त का बहुत सा दर्द बहुत सा ग़म है मेरी तरफ़

Loading comments…

"मेरी जिन्दगी" · StoryMirror