by शोभना ऋतु ✓ · 25 Jun 2018
राहें मुश्किल जो न हों तो मंज़िल पाने का मज़ा कैसा आहिस्ता आहिस्ता ही सही मैं मुकाम तक पहुँच ही जाऊँगी...।
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