by Ashish Kumar Yadav ✓ · 29 Mar 2019
तुम खुश रहो , जहां रहों, जिसके साथ रहो मेरे अथाह स्नेह और पागलपन के लिए तुम्हे पाने के लिए ज़िद के लिए तुमको लेकर
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