
झुरमुट से झाँकती तेरी चंचल निगाहें बगिया में महुआ तले बैठ कर तेरा बेसुध हो जाना अमुआ का बौराना और तेरा इठळाना सब कुछ मुझे याद है कच्चे अमुआ को तोड़ कर खाना माली के आहट से झट से भाग जाना घबराकर ओढ़नी सम्भालना और दौड़ते हुऐ लड़ख जाना सब कुछ मुझे याद है पलाश के फूलों से खेलना और रंगोली बनाना तेरा मुस्कराना तेरा इतराना रूठ कर मुझसे दूर जाना और फिर आकर मुझसे लिपट जाना सब कुछ मुझे याद है ।।।।
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