अंगारों से जब-जब मैं हाथ मिलाता हूँ
जलन के हर बार एहसास नए पाता हूँ
दूसरे के अनुभव से बेशक तुम्हारा काम चले
अनुभव हक़ीक़त के लिए मैं हाथ जलाता हूँ।
अंगारों से जब-जब मैं हाथ मिलाता हूँ
जलन के हर बार एहसास नए पाता हूँ
दूसरे के अनुभव से बेशक तुम्हारा काम चले
अनुभव हक़ीक़त के लिए मैं हाथ जलाता हूँ।
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