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Poem · Comedy

मुर्गी पर बरगद का पेड़

by Shashipal Sharma ✓ · 22 Jul 2018

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सुन ‛बालमित्र’ लाचार सभी बेबसी नज़र बस आती है। यह रोज़ी-रोटी की मुर्गी लाखों को रोज़ घुमाती है।

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