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#mypoems
84 poems
सच झूठ का खेल
Prabhamayee Parida · 1 min read · 274 reads
खोकर सबकुछ शायद एक दिन सच को तू जीत पाएगा।
Tragedy
अभिव्यक्ति
Nitu Mathur · 1 min read · 192 reads
लिखते लिखते फ़िर कलम भी साथ निभाता है बन के अभिव्यक्ति किताब पे छप जाता है।
Abstract
अधूरा सपना, अधूरी ख्वाहिश
Shambhu Amlvasi · 1 min read · 13.8K reads
मैं अधूरा हूँ... तुम होती तो... शायद पूरा होता!
Drama
शब्द मेरे साथी
Nitu Mathur · 1 min read · 236 reads
मेरे दिल का हर राज़ लेते हुए नील स्याह बन गिरते।
Classics
माय फुट!
Anoop Kumar · 1 min read · 13.6K reads
जूता क्या है..दुनियादारी पांव बराबर बैठ गए तो भैय्या तुम एकदम फिट हो इस दुनिया के लिए, पर उनका क्या जिनके सपने ज़रा अलग हैं जिनके पांव का नाप कुछ अलग है, वो फिट नहीं होते, ना कसते हैं इन जूतों में..वो ढूंढते हैं अपने लिए अपनी मनपसंद हवाई चप्पल..आप भी ढूँढो
Inspirational
पिता वह है !
Kusum Lakhera · 1 min read · 243 reads
पिता वह है जो भावुकता के भाव को भीतर छिपा कठोर भाव को अपनाता है ...
Inspirational
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