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Poem · Tragedy

नादानी की दौड़ में

by tanu jha ✓ · 14 Dec 2018

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दो कोड़ी पैसों के लिए, सब मरने को तैयार। हार-जीत की आग में, टूट गया परिवार।

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नादानी की दौड़ में · StoryMirror