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#naseeb
2 poems
बन के नसीब तू आ गया
Nikhil Sharma · 2 min read · 6.9K reads
पास होने पर, वो तेरी मस्ती की शोखियाँ लड़की से बातें करने पर तेरी वो अठखेलियाँ रात भर एक साथ पढने की वो याद हो या चाय के घूँट जो रात जग के पिए साथ हो याद आती है तेरी, वो बेमतलब की गालियाँ...............
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"धोखा"
Nikhil Sharma · 1 min read · 1.4K reads
रूठा है अब तू नसीब बनकर दिल की टीस बनके तड़पाता है वो धोखा जो तूने दिया
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