कल कल बहती ये नदियाँ भी
देती संदेशा हैं हमको।
बाधाएँ लाख भले आएँ,
पर रुकना है न कहीं तुम को।।
बाधाओं से लड़ना सीखो,
निज राह बनाना तुम जानो।
हो वेग पगों में जब तेरा,
बाधाएँ दूर हुई मानो।।
कल कल बहती ये नदियाँ भी
देती संदेशा हैं हमको।
बाधाएँ लाख भले आएँ,
पर रुकना है न कहीं तुम को।।
बाधाओं से लड़ना सीखो,
निज राह बनाना तुम जानो।
हो वेग पगों में जब तेरा,
बाधाएँ दूर हुई मानो।।
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