120Log inSign up
Poem · Others

नज़रों का मिलना .....

by Nikhil Sharma ✓ · 28 Jul 2017

27.8KReads
10Likes
1Min read

मिलती हैं निगाहें, दिल भरता है आँहें सिर्फ एक झलक मिलते ही वो धड़कन का बढ़ना यादों में भी जब दिख जाती है बेचैन कर देता हैं वो तेरी नज़रों से मेरी नज़रों का मिलना ...

Loading comments…

नज़रों का मिलना ..... · StoryMirror