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#oxygen
4 poems
कैसा यह कुदरत का कहर है,
Raksha Gupta · 1 min read · 269 reads
हवाओं में भी अब घुला जहर है, कैसा यह कुदरत का कहर है।
Drama
ऑक्सीजन
Shailaja Bhattad · 1 min read · 201 reads
इसीलिए तो आज कंक्रीट का जंगल बन पड़ा है
Abstract
प्राणवायु
PRATAP CHAUHAN · 1 min read · 230 reads
गलियों में जो खुशहाली थी, अब देखे से नहीं दिखती है।
Abstract
खतरे मे है आज वन्य जीव
Hardik Mahajan Hardik · 1 min read · 140 reads
खतरे में है आज वन्य जीव सभी, साथ मिलकर इन्हें अब बचाना है।
Inspirational