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#painofwomen
491 poems
मैं यूं भी जी लेती हूं
आशा दिनकर · 1 min read · 6.9K reads
मैं औरत हूँ, कभी कभी, यूं भी जी लेती हूँ।।
Drama
वो महिला कहलाती है
अजय पोद्दार 'अनमोल' · 2 min read · 303 reads
तुम मिटा सकते हो मुझे संवार नहीं सकते, तुम नज़र लगा सकते हो नज़र उतार नहीं सकते।
Classics
सुनो मेरी रीढ़ की हड्डी क्या कहती है
shruti chowdhary · 1 min read · 252 reads
अब और अधिक झुकने की गुंजाईश नहीं रही दर्द का पहाड़ टूट पड़ा !
Tragedy
स्त्रियों ने सदैव निस्वार्थ प्रेम किया
Kanchan Jharkhande · 1 min read · 351 reads
यदि निस्वार्थ प्रेम यही है तो प्रेम "प्रेम" के नाम पर कलंकृत है।
Abstract
आँतर राष्टीय महिला दिवस...
Shaimee Oza lafz · 1 min read · 1.2K reads
इसकी पूजा शेरावाली भी कबुल नहीं करती। गर्भ में मर रही बेटी की बात सुन शको तो सुन लो !
Inspirational
माहवारी नहीं है कोई बीमारी
Ankush Tiwari · 2 min read · 11.4K reads
वो धब्बे का निशान जिसे तुमने 'टोमेटो कैच-अप' कह कर बुलाया था, उसी दाग ने तुम्हे मांस के लोथड़े से इंसान बनाया था।
Drama
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