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Poem · Romance

पधारो है नंद लाल

by मनोज सिंह 'यशस्वी' ✓ · 7 Sept 2021

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हाथ जोड़ विनती कर, गीता ज्ञान लिया अर्जुन ने।। पधारो हे नंद लाल, जगमगा रही धरा।

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