by Amit Mall ✓ · 4 May 2018
कुहासा पड़ गया है रिश्तों पर, अब मुझे दोस्तों से बचने दो, जो मेरे वश में नहीं, उसकी फ़िक्र नहीं, जहाँ से जिंदगी मिले
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