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फ़ितरत
Poem · Inspirational

फ़ितरत

by Rashmi Jain ✓ · 18 May 2019

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क्यों मन ही मन मुस्कुराते हैं कुछ लोग पर क्या करें दोस्तों इंसान की नीयत नहीं बदलती रंगत बदल जाए पर फ़ितरत नहीं बदलती

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फ़ितरत · StoryMirror