120Log inSign up
Poem · Drama

पिय वेदना

by Dr. Prakhar Dixit ✓ · 10 Aug 2018

2.8KReads
14Likes
1Min read

सम्मुख हों तौ तिय रार करौ भूकम्प सो कम्पन आंगन में। पूरनमासी बस द्वै चार बरस अब ज्वालामुखी हा खन खन में।। घरबार गृहस्थी आधी

Loading comments…

पिय वेदना · StoryMirror