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Poem · Others

प्लेटफ़ॉर्म

by Nikhil Sharma ✓ · 16 Mar 2017

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इस भीड़ में कभी खुशियाँ हंसती हैं |तो कभी ज़िन्दगी पेहेंती है मौत का यूनीफ़ॉर्म ||एक युग का, एक ज़िन्दगी का एक देश की बेचैनी की कहानी कहता है प्लेटफ़ॉर्म ||

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