Story
Mirror
Home
Stories
Poems
Quotes
Series
Library
Write
English
हिन्दी
বাংলা
ગુજરાતી
मराठी
ଓଡ଼ିଆ
தமிழ்
తెలుగు
ಕನ್ನಡ
മലയാളം
120
Log in
Sign up
#poetry
529 poems
हल्की हरारत है बदन में सुबह से
Prashant Bebaar · 1 min read · 113 reads
तुम देर रातां तक ख़यालों में दौड़ीं।
Abstract
दिसंबर के शहीद
Shantnu Barar · 1 min read · 13.9K reads
सुना है ईद आई थी कई लोग खुश भी थे हुस्न ओ कीमती लिबासों में बिखरे हुए मुबारकबाद देते थे कई हसीन हाथों ने मेहंदी भी सजाई थी
Others
ये मैं ही हूँ
Arti Varma · 1 min read · 7.3K reads
आखिर कौन है वो जो आईना पहने फिरता है
Others
वक़्त बड़ा मद्धम सरक रहा है
Prashant Bebaar · 1 min read · 130 reads
यहाँ तुझे भूलने की कोशिश में मैं वहाँ और याद आ रहा हूँ ।
Abstract
ज़हर
Prashant Bebaar · 1 min read · 243 reads
ये ज़हर मुट्ठीभर रोज़ मेरे घर भड़की ख़बरों में लिपटा आता है।
Abstract
पामाल बहाने मौत के
Prashant Bebaar · 1 min read · 184 reads
सूखे शजर बता रहे हैं आसां क़त्ल का रास्ता।
Abstract
Loading…
Next page →