by Anupama Gupta ✓ · 22 Jun 2017
कुछ ही पलों की मुलाकात में,एक रोज यू ही जुड़ गई थी प्रीत तुमसे..दिन ब दिन गहरी होती रही ए प्रीतिबढ़ती रही
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