120Log inSign up
Poem · Drama

पृथ्वी

by नवल पाल प्रभाकर दिनकर ✓ · 14 Jul 2018

28.1KReads
14Likes
1Min read

सूरज की आहत किरणों से दी है तुमने राहत मुझे !

Loading comments…

पृथ्वी · StoryMirror