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Poem · Drama

राम

by Randhir Singh Sandhu ✓ · 3 Aug 2018

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हम पर्वतों पे चलते है जो संग है आकाश के, संभल संभल के रखते अपने शब्द हम जबान पे, सामना हो जाए जो छल कपट का रास्ते, ...

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राम · StoryMirror