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#ravan
7 poems
रामायाण ५१ ;अहिरावण की कथा
Ajay Singla · 4 min read · 38 reads
अहिरावण कहे हनुमान को ढीठ बहुत तुम, लगे न डर।
Classics
रामायण ५३;राम रावण युद्ध
Ajay Singla · 4 min read · 87 reads
रथ में रावण था अगले दिन तेज चले जो पवन समान।
Classics
रामायण ४१ रावण-शुक संवाद
Ajay Singla · 2 min read · 23.9K reads
जब चले विभीषण रावण के पास से पीछे दूत थे भेजे उसके!
Classics
रामयण ४३ ;रावण का अहंकार
Ajay Singla · 2 min read · 23.5K reads
सुग्रीव कहें पृथ्वी की छाया कोई कहे राहु ने मारा!
Classics
रामायण ४४ ;रावण का अहंकार भंग
Ajay Singla · 1 min read · 23.9K reads
कर्णफूल गिरने से मंदोदरी रावण से बोलीं, सोच में पड़के राम को तुम मनुष्य न समझो!
Classics
दुर्योधन कब मिट पाया:भाग-4
AJAY AMITABH SUMAN · 2 min read · 199 reads
इस जग को रचने वाले कभी कहलाये थे माखनचोर, कभी गोवर्धन पर्वत धारी कभी युद्ध तजते रणछोड़।
Abstract
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