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Poem · Crime

रक्षासूत्र और ताबीज़

by Shambhunath Vishwakarma ✓ · 14 Jul 2018

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दोनों के दिल, रक्षासूत्र और ताबीज़ सब राज़ी थे, पर उन्हें देने वाले द्वेष और द्रोह के पुजारी थे !

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रक्षासूत्र और ताबीज़ · StoryMirror